Archive: Laghu Katha Archives - Salaam India

आ बैल मुझे मार

Laghu Katha

आज वह नहीं आएगी क्या? इस सोच मात्र से ही स्मिता के हाथ पैर शिथिल होने लगते हैं। धप् से सोफे पर बैठ जाती है

समोसे की अभिलाषा

Laghu Katha

एक बड़े से कड़ाही में समोसे तले जा रहे थे। उनमें से एक समोसा अपने रंग-रूप में निखार आने से बहुत खुश था। वह उबलते

लगनु की उमीद

Laghu Katha

सुरज का पढ़ना लिखना शुरू में पसंद नहीं था लगनु को। इस बस्ती में पढ़ने लिखने का चलन कभी से भी नही है। बच्चे थोड़ा बड़े

भगवान के दिन बहुरे

Laghu Katha

भगवान दुःखी थे। अतः कुछ दिनों से कामकाज में उनका मन नहीं था। और भक्तों के आवेदन की फाइलों का पहाड़ ऊँचा होता जा रहा था।

हब्बाडब्बा

Laghu Katha

मैं लिखने के टेबल के पास बैठा जरूर था, पर कविता दो पंक्ति से आगे खिसक ही नहीं रही थी। शायद ड्राइंगरूम से आती एक

सलाम इंडिया

Best Picks Laghu Katha

सारा दिन एक मंदिर के बाहर बैठ भीख मांगता था मंगतू। और कभी बुदबुदा कर तो कभी मन ही मन गाली देता रहता था,‘‘ साले

किससे लड़ेगी शिवानी ?

Best Picks Laghu Katha

शुगर लेवल क्या बढ़ गया, मानो आफत आ गयी। डॉक्टर के कहने पर मॉर्निंगवाक् करना पड़ रहा है शिवानी को। वरना ठंड के मौसम में नींद

श्रृंखल

Best Picks Laghu Katha

भारी मन लिये कालेज के लिए तैयार हो रही थी स्वाति। आज सुबह अखबार की मर्मस्पर्षी खबर से मन विचलित हो उठा था। तीन लोगों

मैं बुद्धिजीवी

Best Picks Laghu Katha

सुबह, चाय की चुस्कि के साथ मैंने अखबार के पहले पन्ने पर नजर दौड़ाई। उपर में ही जंगली हाथियों के झुंड की तस्वीर छपी थी।

दायबद्ध

Laghu Katha

स्कुल से निकलकर वह पिता के कर्मस्थल ‘अग्रवाल गारमेन्ट्स’ के लिए चल देती है। थोड़ी सी चिंतित और थोड़ी सी परेशान। बारहवीं परीक्षा का फार्म

…दुःख भरे दिन

Best Picks Laghu Katha

श्रृष्टि-स्थिति-विनाशक एक साथ मिल-बैठ गप्पेबाजी कर रहे थे। शिव जी ने कहा,‘ मर्त्यलोक में मनुष्य जब खुश रहता है, तब हमें याद नहीं करता! ब्रह्माजी बोले,‘

आखिरकार शर्माजी भी वी.आइ.पी. बने

Best Picks Laghu Katha

शर्माजी हड़बड़ाकर जा रहे थे। या यूँ कहिये, सीने में दर्द और कुछ ज्यादा ही पसीना आने की वजह से उन्हें हड़बड़ाकर ले जाया जा

मनुष्य की खोज

Best Picks Laghu Katha

कयामत कैसे आयी, कैसे गुजरी, किसी को पता नहीं था। एक जगह एक मनुष्य, एक कुत्ता, एक गाय, एक कौआ और एक साँप जीवित बचे

भूख

Best Picks Laghu Katha

दोपहर को झपकी लेने की कोमल की आदत सी है। ऐसे वक्त घर में किसी का आना उसे नागवार लगता है। आज भी विरक्ति के

कुत्ता काटता भी है

Laghu Katha

भले ही अपने बेटे-बहू, पोते-पोती का गुणगान ना करे, पर अपने-अपने कुत्ते का महिमागान गाते बिल्कुल भी थकते नहीं, ऐसे बहुत सारे महाशया तथा महाशयां को

हे भगवान!

Laghu Katha

आज अनेक दिन बाद एक भक्त के पीछे-पीछे मन्दिर से निकल आए थे भगवान। उन्हें उन दिनों की खुब याद आ रही थी जब उनके

जिजीविषा

Laghu Katha

थकाहारा मरियल सा एक व्यक्ति सुनसान रास्ते से अकेला ही चला जा रहा था। बेचारा जितने कदम बढ़ा नहीं रहा था उससे कहीं ज्यादा तो

मैं धृतराष्ट्र नहीं बन सकता

Laghu Katha

बुरी संगत में पड़कर पंडित गिरधर मिश्रा का एकमात्र पुत्र सुनील बिगड़ता जा रहा था। पिता की डाँट-डपट, माँ के अति दुलार तले बेअसर होती

जय हो अन्ना

Laghu Katha

शर्माजी पूजा में बैठे थे। उनके घर के बाहर लॉन में बिछी कुर्सी पर बैठ मैं घन्टे भर से इंतजार कर रहा था। शर्माजी को आते

वो बेचारा

Laghu Katha

‘‘आॅडर!आॅडर!’’ हाकिम के हथौड़ा ठोकते ही खचाखच भरी अदालत शांत हो जाती है। कटघरे में खड़े एक सौम्य-भद्र दिखने वाले सज्जन की पलकें तेजी से

छि!

Laghu Katha

अपने घर के फस्र्ट फ्लोर के बाॅलकनी में खड़ी कुछ परेशान कुछ लज्जित सी तमाशबिनों को देख रही थी मैं। शहर के एक छोर में

बुमरेंग

Laghu Katha

लड़कों के बायोडाटाओं पर अंतिम नजर दौड़ाने के बाद गुप्ताजी ने कहा,‘‘भई, लड़के तो एक से बढ़कर एक हैं। सभी खानदानी रईस भी हैं।’’ खुश

आकाओं ने काम किया

Laghu Katha

अध्यक्ष महोदय माथा पकड़कर बैठे थे। पिछले दो दिनों से लोकसभा मानो अखाड़ा बना हुआ था। एक तरफ विपक्ष एफडीआइ के मुद्दे पर गलाफाड़कर चिल्लाते

सच

Laghu Katha

ट्रेन के इन्तजार में बैठे-बैठे झपकी आ गयी थी, श्यामलालजी को। इस झपकी के इन्तजार में बगल में बैठा व्यक्ति अपना काम तमाम कर चलता

मांस का स्वाद

Best Picks Laghu Katha

नर और मादा गिद्ध तथा उनका बच्चा, तीनों ही तीन मनुष्यों की लाश पर बैठ मांस खाने में मस्त थे। अकस्मात नर गिद्ध इधर-उधर पड़े

दल बदलू

Laghu Katha

एक नवजात का भाग्य लिखने विधाता मर्त्यलोक में पधारे हुए थे। उस नवजात के राजनीतिज्ञ पिता को देख वे आश्चर्यचकित हुए। उन्हें भलीभांति याद था कि